July 5, 2022

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भारत देश में अंतरराष्ट्रीय डाक सेवा की शुरूआत

भारत के 200 से अधिक देशों के साथ डाक विनिमय संबंध हैं। भूतल डाक सेवा में सुधार के लिए भूतल डाक सामग्री (पत्र) तथा पार्सल) को वायु परिवहन द्वारा ले जाने की व्यवस्था आरंभ की गई है। पार्सलों के लिए यह सेवा लगभग 50 देशों के लिए उपलब्ध है। कुछ चुने हुए देशों से भारत में मनीऑर्डर तथा पोस्टल ऑर्डर के माध्यम से धन भेजे जाने की भी व्यवस्था है। अंतर्राष्ट्रीय ई.एम.एस. सेवा 1986 में आरंभ की गई थी जो आज लगभग 100 देशों के लिए उपलब्ध है।

देश के निर्यात तथा आयात व्यापार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मुंबई, कोलकाता, चेन्नई तथा नई दिल्ली में प्रधान विदेशी आदान-प्रदान कार्यालय स्थापित किए गए हैं। इनके अतिरिक्त अहमदाबाद, बंगलुरु, कोच्चि, जयपुर, श्रीनगर तथा नोएडा में उप-विदेशी कार्यालय भी हैं। वाराणसी, कानपुर, सूरत, गुवाहाटी, लुधियाना तथा मुरादाबाद में भी इन क्षेत्रों के निर्यातकों की सुविधा के लिए निर्यात विस्तार काउंटर खोले गए हैं।

भारतीय डाक विभाग के कई प्रकार के एजेंसी प्रकार्य भी हैं। इन एजेंसी प्रकार्यों में डाकघर बचत बैंक, अंतर्राष्ट्रीय धन स्थानांतरण सेवा, म्यूचुअल फंड और प्रतिभूति सेवा, इलैक्ट्रॉनिक फंड स्थानांतरण तथा डाक जीवन बीमा प्रमुख हैं। भारतीय डाक विभाग ने ग्रामीण बीमा योजना भी आरंभकी है। यह सुविधा मार्च 1995 में आरंभ की गई थी। डाक विभाग के लिए कर्मचारियों को प्रशिक्षण देने के लिए कई संस्थाओं की स्थापना की गई है। इनमें गाजियाबाद स्थित पोस्टल स्टाफ कॉलेज सर्वोपरि है। यहां विभाग के अधिकारियों को प्रशिक्षण तथा विकास संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। एक अन्य महत्वपूर्ण संस्थान पी.टी.सी., मैसूर है। इस संस्थान ने सभी डाक सेवाओं के लिए कंप्यूटर सॉफ्टवेयर का स्वतः विकास किया है।